हिंदुस्तान और पाकिस्तान की बराबरी!! कभी नही!
हिंदुस्तान बस हमारा हिंदुस्तान है. इसकी तुलना किसी से नही की जा सकती.
पाकिस्तान से तो बिलकुल नही.
दुनिया का सबसे बड़ा लोकतन्त्र, तेज़ी से विकास करता हुआ, सारी दुनिया पर अपनी एक अच्छी छवि बनाता हिंदुस्तान.
एक परिवार या बड़े कुनबे सा पसरा हुआ, सभी धर्मों को समेटे हमारे हिंदुस्तान को किसी परिचय की कोई आवश्यकता नही है.
दूसरी ओर हिंदुस्तान से छिटक कर गिरा ज़मीन का एक टुकड़ा पाकिस्तान जों बस आतंक का पर्यायवाची है.
यहाँ आतंक और नफ़रत की फ़सल बोई जाती है, जिसे हम हिंदुस्तानियों के लहू से सींचा जाता है.
जब फ़सल तैयार होती है तो सीमा पर, हमारी सीमा पर आ जाती है .
कभी तो इरादे इतने बुलंद होते है इन मौत के सौदागरों के कि ये संसद तक आ जाते है.
यदि पाकिस्तान की तुलना करनी है तो तालिबान से करें.
हमारी तुलना किसी भी सन्दर्भ में पाकिस्तान से नही की जा सकती.
क्या कभी कोई हिंदू पाकिस्तान में सर उठा कर जी सकता है?
क्या कोई वहाँ के सत्ताधारी दल के ख़िलाफ़ कोई बोल सकता है!
कैसे चुनाव होते है पाकिस्तान में!
सब कुछ वहाँ सेना के हाथ में है.
शासकों को फाँसी की सज़ा मिलती है.
कट्टर वाद चरम सीमा पर है.
कोई पाकिस्तान मुर्दाबाद कह कर तो देखे.
कही भगत सिंग या नेहरू, गांधी या फिर शास्त्री जी का पोस्टर मिलेगा वहाँ !
पर हमारे देश में,
दिल्ली में,
भारत तेरे टुकड़े होंगे, पाकिस्तान ज़िन्दाबाद के नारे लगते है.
नारे लगाने वाले हीरो बन कर मीडिया पर शान से अपनी बात कहते है.
जिन्ना के पोस्टर को लगाने के लिए लोग आपस में भीड़ जाते हैं.
ये सब इसलिए होता है क्यूँकि हिंदुस्तान में लोकतन्त्र है.
जिन्हें छोटी छोटी बातों पर भारत से शिकायत है उनके लिए एक सलाह है एकदम मुफ़्त.
पाकिस्तान का वीज़ा लें और कुछ दिन वहाँ के आम नागरिक की तरह गुज़ार कर आयें.
जो अनुभव उन्हें होगा न उसके बाद बस उनके मुँह से यही निकलेगा.
भारत माता की जय!
हिंदुस्तान ज़िन्दाबाद.
हमारे देश जैसा कोई नहीं!

